Tuesday, February 5, 2019

बसंत पंचमी को #सरस्वती की #पूजा क्यो? Mantra to chan...

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: बसंत पंचमी को सरस्वती की पूजा क्यो? Mantra to chan...: वीणा वादिनी वर दे बसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु के आगमन की सूचना देता है। चारों तरफ हरियाली महकते फूलों की छटा   बिखे...

Monday, February 4, 2019

बसंत पंचमी को सरस्वती की पूजा क्यो? Mantra to chant on Basant Panchmi

वीणा वादिनी वर दे
बसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु के आगमन की सूचना देता है। चारों तरफ हरियाली महकते फूलों की छटा  बिखेरती है और मंद वायु से वातावरण सुहाना हो जाता है। खेत खलिहानों में पीली सरसों लहलहाने लगती है। शरद ऋतु की विदाई के साथ पेंड़ पौधों और प्राणियों में नये जीवन का संचार होता है।
ऐसा माना जाता हैं कि बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती का अवतार हुआ था। कहते है कि माँ सरस्वती के आगमन से प्रकृति का श्रृंगार हुआ तभी से बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करने की परमपरा शुरू हुई।
ब्संत पंचमी मनाने के संबंध में कई मत प्राप्त हैं। एक के अनुसार इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का पूजन करना चाहिये। दूसरे मत में इसे लक्ष्मी सहित विष्णु के पूजन का दिन बताया गया है। एक अन्य मत के अनुसार इस तिथि को रति और कामदेव की पूजा भी करना चाहिये क्यों कि कामदेव और बसंत मित्र हैं।

बसंत पंचमी को सरस्वती की पूजा क्यो?

 बसंत पंचमी 10 फ़रवरी 2019 को है| भारत में माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती की पूजा के दिन रूप में भी मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शब्दों की शक्ति मनुष्य के जीवन में आई थी। पुराणों में लिखा है सृष्टि को वाणी देने के लिये ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का। इस जल से हाथ में वीणा धारण किये जो शक्ति प्रकट हुई वह सरस्वती कहलाई। उनके वीणा का तार छेड़ते ही तीनो लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों की वाणी मिल गई। वह दिन बसंत पंचमी का दिन था इसलिये बसंत पंचमी को सरस्वती देवी का दिन भी माना जाता है।
वीणा और ज्ञान की देवी सरस्वती
वाग्देवी, वीणावादिनी जैसे नामों से जाने वाली देवी ज्ञान और विद्या का प्रतीक है। इन्हे साहित्य, कला, संगीत और शिक्षा की देवी माना जाता है। माँ शारदे की चारों भुजाये चारों दिशाओं का प्रतीक हैं। एक हाथ में वीणा, दूसरे में वेद की पुस्तक, तीसरे में कमंडल तथा चैथे में रूद्राक्ष की माला। यह प्रतीक हमारे जीवन में प्रेंम, समन्वय विद्या, जप, ध्यान तथा मानसिक शांति को प्रकट करते हैं।

इस दिन कैसे करे माँ को प्रसन्न?
बसंत पंचमी के दिन कोई उपवास नहीं होता, केवल पूजा होती है।
 इस दिन पीले वस्त्र पहनने, हल्दी का तिलक लगाकर, मीठे चावल बना कर पूजा करने का विधान है।
 विद्यार्थियों, संगीतकार, कलाकारों के लिये यह विशेष महत्व का दिन है। उन्हे अपनी पुस्तकों, वाद्यों आदि की अवश्य पूजा करनी चाहिये।
 पीला रंग समृद्धि का सूचक भी कहा जाता है।
मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिये  मंत्र का जाप करेंः-
ऊँ ऐं सरस्वत्चैं ऐं नमः का 108 बार जाप करें।
सरस्वती सोत्रम
या कुन्देन्दु-तुषारहार-धवला या शुभ्र-वस्त्रावृता 
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। 
या ब्रह्माच्युत शंकर-प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता 
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

इस प्रार्थना से माँ को प्रसन्न करें।
निशा घई
#पामिस्ट, #ज्योतिष, #अंकशास्त्री # सरस्वती सोत्रम #बसंत पंचमी

Friday, January 18, 2019

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: चंद्र ग्रहण से होगा जीवन में बदलाव

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: चंद्र ग्रहण से होगा जीवन में बदलाव: चंद्र ग्रहण से होगा जीवन में बदलाव    ग्रहण बदलाव की निशानी है | यह बदलाव अच्छा  और बुरा दोनों हो सकता है  ग्रहण के कारण जीवन क...

चंद्र ग्रहण से होगा जीवन में बदलाव

चंद्र ग्रहण से होगा जीवन में बदलाव


  
ग्रहण बदलाव की निशानी है | यह बदलाव अच्छा  और बुरा दोनों हो सकता है  ग्रहण के कारण जीवन की नयी शुरुआत होती है | अगर इसे पॉजिटिव लेंगे तो बदलाव पॉजिटिव होगा नेगिटिव लेंगे तो बुरा |  हमारी  हाथ की रेखाओं और दशा द्वारा  हमें इसका ज्ञात हो  सकता है |

21 जनवरी  2019 को पूर्ण  चंद्र ग्रहण लग रहा है  , समय है   सुबह 09.03 am 54 से 12,20.39 am  तक | क्योंकि ग्रहण भारत में नहीं देखा जायेगा इसलिए सूतक नहीं लगेगा और इसका प्रभाव  नहीं होगा |  ग्रहण का प्रभाव तब पड़ता है जब सूतक  लगता है | चंद्र ग्रहण पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि में लगेगा इसलिए इस राशि और नक्षत्र से संबंधित लोग इस चंद्र ग्रहण से प्रभावित हों सकते है |

इस दिन करे ये उपाय जीवन में वृद्धि आये गी

 राशि अनुसार चंद्र ग्रहण के उपाय
 
मेष राशि वालों को मसूर की दाल या लाल कपड़े का दान करना चाहिए।

वृषभ राशि वालों को माता लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए।

मिथुन राशि वालों को तनाव दूर करने के लिए गौशाला में दान देना चाहिए।

कर्क राशि वालों को दूध दान करना चाहिए।

सिंह राशि वाले जातकों को सूर्य को जल चढ़ाकर गुड़ का दान करना चाहिए।

कन्या राशि वालों को विष्णु सहस्रनाम का जाप करना चाहिए।

तुला राशि वाले देवी की पूजा करें \

वृश्चिक राशि वाले हनुमान जी की पूजा करें और लाल वस्त्रों का दान करें|

धनु राशि वाले घर में समृद्धि के लिए चने की दाल का दान करें\
मकर राशि वाले लोगों को चंद्र ग्रहण के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए|

कुंभ राशि वाले तिल के लड्डुओं का दान करें|

मीन राशि वाले जातक केले का दान करें

लेखिका

निशा घई 

#निशाघई #चंद्रग्रहण #2019 #bloodmoon #lunarEclipse 

 


Saturday, January 5, 2019

Mantra for Solar Eclipse 6th January सूर्य ग्रहण के कुछ उपयोगी मंत्र Mantra...

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: 6th January सूर्य ग्रहण के कुछ उपयोगी मंत्र Mantra...: Ø               ग्रहण   के   समय   किस   मंत्र   का   जाप   करें। Ø                अपनी   राशि   के   अनुसार   मंत्र   जाप   करने   ...

6th January सूर्य ग्रहण के कुछ उपयोगी मंत्र Mantra for Solar Eclips

हिन्दू धर्म और ज्योतिष में ग्रहण का बहुत महत्व होता है |  6 जनवरी  2019  को सुबह 5 / 04 Am  पर शुरू होगा और  9/18 Am  पर खत्म होगा भारत पर इसका विशेष प्रभाव नहीं पड़ने वाला  आंशिक सूर्य ग्रहण है। यह नई दिल्ली और भारत के बहुत से शहरों में नहीं देखा जायेगा। क्यों कि सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जायेगा इसलिये सूतक नहीं लगेगा।

परन्तु सूर्यग्रहण एक ग्रहण ही है इसलिये ग्रहण के समय कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए। हमे धार्मिक आयोजनदेव पूजनमंत्र आदि जाप करने से प्रभू की कृपा पा सकते है और बहुत सारी परेशानियों से बच सकते हैं।
Ø             ग्रहण के समय किस मंत्र का जाप करें।
Ø            
 अपनी राशि के अनुसार मंत्र जाप करने से अच्छा फल मिलता है।
Ø             
सिंह कुंभ राशि एवम मकर के जातकों को वैदिक गायत्री मंत्र का 108 बार जाप
करें।
Ø              भूर्भुवः स्वः
Ø             तत्सवितुर्वरेण्यं
Ø             भर्गो देवस्यः धीमहि
Ø             धियो यो नः प्रचोदयात्


Ø             कन्या और मिथुन राशि वाले जातको को सूर्या मंत्र या विष्णु मंत्र का जाप करना चाहिये।
     ऊँ नमो नारायणायष्

Ø             तुला राशि एवम कर्क वाले व्यक्तियों को शिव मंत्र अथवा गणपति अर्थात मंत्र का पाठ करें।
Ø             नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे  काराय नमरू शिवायरू॥
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे  काराय नमरू शिवायरू॥
              शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नमरू शिवायरू॥
              अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय  सज्जनानाम्।
अकालमृत्योरू परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।

            मेष एवम तृष्चिक राशि वाले जातको को हनुमान चालीसा अथवा सन्दरकांड का जाप करना चाहिये।
             श्री गुरु चरण सरोज रजए निज मन मुकुर सुधार द्य
बरनौ रघुवर बिमल जसु  जो दायक फल चारि द्य
             बुद्धिहीन तनु जानि के  सुमिरौ पवन कुमार द्य
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार

                मीन एवम धनु राशि वाले जातकों को गणपति वन्दना या गंणपति मंत्र जाप करना चाहिये।
                ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।

लेखिका
निशा घई
               #SolarEclips #सूर्य ग्रहण  # राशि #सूर्या मंत्र या विष्णु मंत्र #NishaGhai